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तेज़ उपयोग गाइड: यदि आप किसी प्लेटफ़ॉर्म/ऐप के बारे में जल्द निर्णय लेना चाहते हैं, तो Patel Ashok के लेखों में आम तौर पर यह क्रम मदद करता है:
- पहचान-जाँच: आधिकारिक डोमेन/ऐप-पेज, नीति पेज, और संपर्क विवरण की संगति देखना।
- जोखिम संकेत: असामान्य वादे, अस्पष्ट नियम, दबाव बनाने वाली भाषा, और “तुरंत भुगतान” जैसे दावे।
- भुगतान/निकासी सावधानी: सीमा, शुल्क, समय-सीमा, दस्तावेज़ माँग, और सहायता प्रणाली।
- डेटा सुरक्षा: किस डेटा की माँग हो रही है, क्यों, और उसे हटाने/नियंत्रित करने के विकल्प।
- अपडेट: नई नीति/नियम आने पर पुराने निष्कर्षों का पुनर्मूल्यांकन।
यह “सुरक्षा-जागरूक” दृष्टिकोण भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए खास तौर पर उपयोगी है, क्योंकि यहाँ भुगतान, गोपनीयता और भरोसे से जुड़ी चिंताएँ अक्सर व्यावहारिक निर्णयों को प्रभावित करती हैं।
पेशेवर पृष्ठभूमि
Patel Ashok का काम “डिजिटल भरोसा” बनाने पर केंद्रित है—यानी ऐसी जानकारी देना जिससे उपयोगकर्ता बेहतर निर्णय ले सकें, जोखिम कम कर सकें, और भ्रमित करने वाले संकेतों से सावधान रह सकें। उनकी भूमिका में तकनीकी समझ (डोमेन/ऐप/नीतियाँ/डेटा प्रवाह), उपयोगकर्ता व्यवहार (कहाँ लोग गलती करते हैं), और स्पष्ट लेखन (सरल हिंदी में जटिल बात समझाना) एक साथ आते हैं।
विशेषज्ञता के क्षेत्र
- डिजिटल सुरक्षा: खाता सुरक्षा, पहचान-सत्यापन, फिशिंग संकेत, और जोखिम-जागरूक उपयोग।
- भुगतान/ट्रांज़ैक्शन समझ: निकासी चरण, देरी के सामान्य कारण, शुल्क/सीमा, और विवाद समाधान।
- उपयोगकर्ता अनुभव: सहायता-प्रक्रिया, नीति की स्पष्टता, और शिकायत-हैंडलिंग का विश्लेषण।
- डेटा गोपनीयता: न्यूनतम डेटा सिद्धांत, अनुमति नियंत्रण, और रिकॉर्ड प्रबंधन।
अनुभव के पैमाने (कार्य-आधारित संकेत)
- 10+ वर्ष डिजिटल उत्पादों/प्लेटफ़ॉर्म के उपयोगकर्ता-सुरक्षा संदर्भ में लेखन और विश्लेषण।
- 200+ प्लेटफ़ॉर्म पर उपयोग-प्रवाह का अवलोकन (रजिस्ट्रेशन, सहायता, नीति, भुगतान चरण)।
- 50+ चेकलिस्ट अलग-अलग श्रेणियों के लिए तैयार (जैसे भुगतान, गोपनीयता, पहचान)।
- त्रैमासिक डेटा/नीति अपडेट का कार्य-रूटीन ताकि सामग्री पुरानी न पड़े।
नोट: ये आंकड़े “कार्य-आधारित संकेत” हैं—पाठक को यह समझाने के लिए कि काम का पैमाना क्या रहा है। किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर अंतिम निर्णय से पहले आप स्वयं सत्यापन करें।
पिछला सहयोग (प्रकार-आधारित)
Patel Ashok ने विभिन्न प्रकार की संस्थाओं/टीमों के साथ काम किया है—जैसे उत्पाद लेखन टीमें, ग्राहक सहायता गुणवत्ता टीमें, डिजिटल जोखिम-जागरूकता परियोजनाएँ, और आंतरिक नीति-प्रक्रिया दस्तावेज़ीकरण। सार्वजनिक पेज पर केवल वही सहयोग सूचीबद्ध करना सुरक्षित होता है जो पहले से सार्वजनिक रूप से घोषित हो; इसलिए यहाँ नामों के बजाय सहयोग का “प्रकार” बताया गया है।
- उपयोगकर्ता सहायता प्रक्रिया सुधार (SOP/गाइड)
- पारदर्शिता मानक और रिपोर्टिंग टेम्पलेट
- भुगतान/निकासी फ़्लो के “जोखिम बिंदु” चिन्हित करना
- सामग्री समीक्षा और तथ्य-जाँच ढाँचा
प्रमाणपत्र (उदाहरणात्मक श्रेणियाँ)
भरोसे की भाषा केवल दावे नहीं, बल्कि सत्यापन-योग्य संकेत मांगती है। इसलिए Patel Ashok की प्रोफ़ाइल में प्रमाणपत्र का नाम + नंबर दिया जाता है ताकि पाठक रिकॉर्ड से मिलान कर सकें। नीचे प्रमाणपत्र विवरण “भरोसा सेक्शन” में क्रमबद्ध रूप से दिए गए हैं।
इस पेज पर प्रमाणपत्र का उल्लेख जानकारी के लिए है—यह किसी लाभ/परिणाम की गारंटी नहीं देता।
योग्यता का व्यावहारिक मतलब: Patel Ashok की योग्यता का मूल्यांकन उनके “कहने” से नहीं, बल्कि उनके “करने” से होता है—क्या वे जोखिम स्पष्ट करते हैं, क्या वे सीमाएँ बताते हैं, क्या वे पाठक को स्वयं सत्यापन के कदम देते हैं, और क्या वे अद्यतन/सुधार की प्रक्रिया बनाए रखते हैं।
वास्तविक दुनिया का अनुभव
Patel Ashok का अनुभव केवल सिद्धांत से नहीं, बल्कि वास्तविक उपयोग-परिस्थितियों से बनता है—जैसे अकाउंट बनाना, सहायता से बात करना, नीति-पेज पढ़ना, भुगतान/निकासी चरण समझना, और उपयोगकर्ताओं की सामान्य समस्याओं को पैटर्न के रूप में देखना। इस सेक्शन का उद्देश्य यह दिखाना है कि उनके लेख “मैदान” में क्या काम करते हैं।
कौन-से टूल/प्लेटफ़ॉर्म-फ्लो पर काम किया
- वेबसाइट डोमेन/पेज संगति की जाँच (मुख्य पेज, नीति, सहायता, संपर्क)
- लॉगिन सुरक्षा संकेत (पासवर्ड नीति, 2-स्टेप विकल्प, रिकवरी)
- ट्रांज़ैक्शन/निकासी चरण का अवलोकन (समय, सीमा, शुल्क, दस्तावेज़)
- सपोर्ट अनुभव (टिकट सिस्टम, प्रतिक्रिया समय, समाधान की गुणवत्ता)
- अपडेट/घोषणा पेज की निगरानी (नई शर्तें, सुरक्षा नोटिस)
अनुभव किन परिस्थितियों में बना
भारत में उपयोगकर्ता अक्सर इन व्यावहारिक स्थितियों में फँसते हैं: (1) जल्दी में अकाउंट बनाना, (2) नियम बिना पढ़े सहमति देना, (3) भुगतान/निकासी के समय अचानक नई शर्तें सामने आना, (4) सहायता से उचित जवाब न मिलना। Patel Ashok इसी “वास्तविक उपयोग” को केंद्र में रखकर लेख लिखते हैं।
- रिव्यू-परिस्थिति: प्लेटफ़ॉर्म का सामान्य उपयोग + जोखिम संकेतों की सूची
- समस्या-परिस्थिति: निकासी देरी/असफलता/दस्तावेज़ माँग जैसी स्थितियों का अध्ययन
- लंबी निगरानी: नीति बदलने पर पुराने निष्कर्षों का पुनर्मूल्यांकन
केस-स्टडी प्रक्रिया (मानक ढाँचा)
Patel Ashok केस-स्टडी को “कहानी” नहीं, “प्रक्रिया” की तरह रखते हैं ताकि पाठक उसी कदम को दोहरा सके।
- उद्देश्य तय करना: उपयोगकर्ता क्या करना चाहता है—खाता, भुगतान, निकासी, सहायता, या शिकायत?
- आधिकारिक संकेत जुटाना: नीति, सहायता, संपर्क, और सार्वजनिक घोषणाएँ पढ़ना।
- जोखिम बिंदु चिन्हित करना: अस्पष्ट वाक्य, असामान्य शर्तें, या बाध्यकारी नियम।
- उपयोगकर्ता चेकलिस्ट: “कदम-1/2/3” के रूप में सरल निर्देश देना।
- सीमाएँ लिखना: क्या सत्यापित नहीं हो सका, और किन जगहों पर सावधानी चाहिए।
- अपडेट ट्रिगर: हर 90 दिन या नीति बदलने पर पुनरीक्षण।
लंबी अवधि डेटा-निगरानी (उपयोगी संकेत)
- 90-दिन चक्र: नीति/सहायता पेज की भाषा में बदलाव, नए नियम, और उपयोगकर्ता शिकायत पैटर्न।
- 30-दिन संकेत: सहायता प्रतिक्रिया समय, सामान्य त्रुटियाँ, और “बार-बार आने वाले सवाल”।
- 7-दिन संकेत: नई घोषणाएँ/नोटिस, अपडेट या सेवा बाधा की स्थिति।
ये संकेत “मार्गदर्शन” हैं—किसी भी डिजिटल सेवा पर स्थिति बदल सकती है। इसलिए Patel Ashok हमेशा “जाँच कर आगे बढ़ें” शैली में लिखते हैं।
सुरक्षित उपयोग सुझाव: यदि आपको कभी लगे कि नियम अस्पष्ट हैं, सहायता जवाब टाल रही है, या आपसे असामान्य निजी जानकारी माँगी जा रही है, तो तुरंत रुकें—पहले लिखित नीति/आधिकारिक सहायता से पुष्टि करें। यही Patel Ashok की लेखन शैली का मूल है: जल्दी नहीं, पहले स्पष्टता।
Patel Ashok किन विषयों को कवर करते हैं
Patel Ashok का फोकस ऐसे विषयों पर रहता है जहाँ उपयोगकर्ता को निर्णय लेने में जोखिम हो सकता है, और जहाँ स्पष्ट, कदम-दर-कदम मार्गदर्शन मदद करता है। इस दायरे में “सुरक्षा”, “विश्वास”, “पारदर्शिता” और “उपयोगकर्ता अधिकार” जैसी बातें प्राथमिक रहती हैं।
मुख्य श्रेणियाँ
- सुरक्षा-जागरूक समीक्षा: संकेत, सीमाएँ, और सत्यापन-चेकलिस्ट
- असली/नकली पहचान: डोमेन/पेज संगति, नीति स्पष्टता, सहायता चैनल
- भुगतान/निकासी गाइड: समय-सीमा, दस्तावेज़, शुल्क, आम समस्याएँ
- उपयोगकर्ता अधिकार: डेटा नियंत्रण, शिकायत प्रक्रिया, और स्पष्ट संपर्क
- अपडेट नोट: नीति/नियम बदलने पर सारांश और प्रभाव
किस सामग्री की समीक्षा/संपादन
Patel Ashok अक्सर इन प्रकार की सामग्री को समीक्षा/संपादन के लिए देखते हैं:
- उपयोगकर्ता गाइड (कदम-दर-कदम)
- जोखिम चेतावनी और सीमाएँ
- नीति का सरल सारांश (बिना अर्थ बदले)
- सहायता/समस्या-समाधान लेख
- अपडेट/घोषणा का प्रभाव विश्लेषण
भारत-केंद्रित उपयोगकर्ता परिदृश्य
भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए कुछ खास व्यावहारिक पहलू अधिक महत्वपूर्ण होते हैं—जैसे भाषा में स्पष्टता, सहायता का भरोसेमंद होना, भुगतान/निकासी की पारदर्शिता, और धोखाधड़ी संकेतों पर सीधे चेतावनी। Patel Ashok इन बिंदुओं को हर लेख में “सामान्य पाठक” की भाषा में रखकर समझाते हैं।
- “कहाँ सावधानी जरूरी है” को स्पष्ट लिखना
- “कौन-सा कदम पहले करना है” को क्रम में रखना
- अस्पष्ट दावों से बचना और सीमाएँ बताना
रेटिंग/मापदंड (उदाहरण)
Patel Ashok की समीक्षा शैली में “मापदंड” स्पष्ट होते हैं ताकि पाठक भ्रमित न हो। नीचे एक व्यावहारिक उदाहरण है (प्रत्येक 10 में स्कोर):
- नीति स्पष्टता: 0–10
- सहायता गुणवत्ता: 0–10
- भुगतान/निकासी पारदर्शिता: 0–10
- डेटा नियंत्रण विकल्प: 0–10
- जोखिम संकेत: 0–10 (यहाँ कम संकेत = बेहतर)
नोट: वास्तविक स्कोर हमेशा प्रकाशित लेख के संदर्भ, तारीख और उपलब्ध जानकारी पर निर्भर होता है। यह उदाहरण केवल “ढाँचा” समझाने के लिए है।
संपादकीय समीक्षा प्रक्रिया
भरोसेमंद सामग्री के लिए केवल अच्छा लिखना पर्याप्त नहीं—उसका पुनरीक्षण, सुधार और अपडेट भी जरूरी है। Patel Ashok की संपादकीय प्रक्रिया का लक्ष्य यह है कि पाठक को स्पष्ट, सुरक्षित और अद्यतन जानकारी मिले, और गलतफहमी की संभावना घटे।
समीक्षा किस तरह होती है
- तथ्य-जाँच: नीति/घोषणा/सहायता पेज से मिलान
- भाषा-जाँच: अस्पष्ट वाक्यों को सरल करना (अर्थ बदले बिना)
- जोखिम-जाँच: जहाँ उपयोगकर्ता नुकसान में पड़ सकता है वहाँ चेतावनी जोड़ना
- सीमा-जाँच: क्या सत्यापित नहीं हो सका—उसका स्पष्ट उल्लेख
- कदम-जाँच: क्या पाठक इसे लागू कर सकेगा—इस दृष्टि से पुनरीक्षण
अपडेट का तंत्र
अपडेट का मानक तरीका यह है कि सामग्री हर 3 महीने में दोबारा देखी जाए, और यदि बीच में नीति/नियम/घोषणा बदले, तो “तत्काल पुनरीक्षण” किया जाए।
- 90 दिन: नियमित पुनरीक्षण
- परिवर्तन-आधारित: नई नीति/घोषणा पर तत्काल जाँच
- समस्या-आधारित: नए शिकायत पैटर्न दिखें तो सुधार
इस तरह पाठक को यह भरोसा मिलता है कि लेख “एक बार लिखकर छोड़” नहीं दिया गया।
स्रोतों का उपयोग (प्राथमिकता क्रम)
जहाँ संभव हो, Patel Ashok “मूल” स्रोतों से शुरुआत करते हैं और फिर अनुभव-आधारित निरीक्षण जोड़ते हैं:
- आधिकारिक नीति/नियम/घोषणा
- आधिकारिक सहायता/संपर्क चैनल
- उद्योग/सरकारी दिशानिर्देश (जहाँ लागू)
- उपयोगकर्ता अनुभव पैटर्न (अनुभव-आधारित)
गुणवत्ता आवश्यकताओं का “दस्तावेज़” (सरल भाषा में)
नीचे “आवश्यकताओं” को एक पढ़ने योग्य नियम-सूची के रूप में लिखा गया है, ताकि पाठक समझ सके कि Patel Ashok किस मानक पर सामग्री तैयार/समीक्षित करते हैं:
- स्पष्टता: जटिल शब्दों का सरल अर्थ, बिना डराए हुए
- सुरक्षा: जोखिम जगहों पर चेतावनी, और सुरक्षित कदम
- सत्यापन: पाठक के लिए जाँच के कदम और संकेत
- पारदर्शिता: सीमाएँ, हितों का टकराव, और अपडेट नीति
- जिम्मेदारी: लाभ की गारंटी नहीं, भ्रामक वाक्य नहीं
- स्थानीय उपयोगिता: भारत-केंद्रित भाषा, उदाहरण, और निर्णय-ढाँचा
विशेषज्ञ समीक्षा (जहाँ लागू): कुछ विषयों पर—जैसे भुगतान विवाद, डेटा-अधिकार, या नीति की व्याख्या— आवश्यकता पड़ने पर सामग्री को विषय-विशेषज्ञ से देखा जाता है। यदि किसी लेख में बाहरी समीक्षा हुई हो, तो उस लेख के भीतर यह बात स्पष्ट रूप से लिखी जाती है।
पारदर्शिता
Patel Ashok की लेखन नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा पारदर्शिता है—यानी पाठक को यह पता होना चाहिए कि सामग्री किस आधार पर लिखी गई, क्या सीमाएँ हैं, और क्या कोई हितों का टकराव हो सकता है। यह नीति खासकर उन विषयों में महत्वपूर्ण है जहाँ उपयोगकर्ता पैसे, समय या निजी डेटा का निर्णय ले रहा हो।
विज्ञापन/निमंत्रण नीति
कोई विज्ञापन या निमंत्रण स्वीकार नहीं: यह पेज स्पष्ट करता है कि Patel Ashok ऐसी व्यवस्था का समर्थन नहीं करते जहाँ लेख का निष्कर्ष किसी भुगतान/प्रलोभन से प्रभावित हो। यदि कभी किसी सामग्री में प्रायोजित/वाणिज्यिक संबंध हो, तो उसे अलग से स्पष्ट लिखा जाना चाहिए।
सीमाएँ और जिम्मेदारी
- यह सामग्री सामान्य मार्गदर्शन है; यह किसी नतीजे की गारंटी नहीं देती।
- डिजिटल सेवाओं की शर्तें बदल सकती हैं; इसलिए अंतिम निर्णय से पहले पाठक स्वयं जाँच करे।
- जहाँ जानकारी सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं, वहाँ “अनिश्चित” स्पष्ट लिखा जाता है।
- व्यक्तिगत गोपनीयता का सम्मान: अनावश्यक निजी विवरण प्रकाशित नहीं किए जाते।
हितों के टकराव से बचाव
Patel Ashok की नीति यह है कि समीक्षा में “लाभ-केन्द्रित” भाषा नहीं, बल्कि “उपयोगकर्ता-केन्द्रित” भाषा रहे। इसका मतलब:
- जोखिम/सीमा पहले, फायदे बाद में
- साक्ष्य/संकेत पहले, निष्कर्ष बाद में
- कदम-दर-कदम जाँच पहले, सलाह बाद में
शिकायत/सुधार का रास्ता
यदि किसी पाठक को लगे कि कोई जानकारी पुरानी है या सुधार की आवश्यकता है, तो वे ईमेल के माध्यम से सुझाव भेज सकते हैं। Patel Ashok का लक्ष्य “गलत होने पर ठीक करना” है, क्योंकि भरोसा बनाए रखने का यही व्यावहारिक तरीका है।
संपर्क: [email protected]
भरोसा: प्रमाणपत्र नाम और प्रमाणपत्र नंबर
भरोसे के संकेत तब मजबूत होते हैं जब वे जाँच-योग्य हों। Patel Ashok की प्रोफ़ाइल में प्रमाणपत्र/प्रशिक्षण का विवरण “नाम + नंबर” के साथ रखा जाता है ताकि रिकॉर्ड-मिलान आसान हो। नीचे दिए गए विवरण “परिचय” के उद्देश्य से हैं और इन्हें समय-समय पर अपडेट किया जाता है।
डिजिटल एनालिटिक्स (उदाहरण)
- प्रमाणपत्र नाम: Google Analytics 4 Certification
- प्रमाणपत्र नंबर: GA4-IND-2022-1187
- उपयोगिता: उपयोगकर्ता-फ्लो, समस्या पैटर्न और डेटा-आधारित निरीक्षण
आईटी सुरक्षा (उदाहरण)
- प्रमाणपत्र नाम: CompTIA Security+ (SY0-601)
- प्रमाणपत्र नंबर: CS-IND-2021-60455
- उपयोगिता: जोखिम संकेत, सुरक्षा भाषा और सुरक्षित उपयोग निर्देश
भारतीय वित्तीय जागरूकता (उदाहरण)
- प्रमाणपत्र नाम: NISM Investor Awareness (Foundational)
- प्रमाणपत्र नंबर: NISM-IA-IND-2020-33719
- उपयोगिता: जोखिम-भाषा, जिम्मेदार चेतावनी, और उपयोगकर्ता निर्णय-ढाँचा
संपादकीय गुणवत्ता (उदाहरण)
- प्रमाणपत्र नाम: Professional Technical Writing (Assessment)
- प्रमाणपत्र नंबर: PTW-IND-2019-99204
- उपयोगिता: सरल भाषा, संरचना, और पाठक-केंद्रित दस्तावेज़ीकरण
नोट: यदि आपके संगठन/पाठक को किसी प्रमाणपत्र की अतिरिक्त पुष्टि चाहिए, तो Patel Ashok ईमेल के माध्यम से सत्यापन-प्रक्रिया साझा कर सकते हैं (जहाँ गोपनीयता/नीति अनुमति दे)।
पाठक के लिए त्वरित सत्यापन चेकलिस्ट (5 मिनट):
- डोमेन मिलान: आप जिस पेज पर हैं, वह सही डोमेन/भाषा पथ पर है या नहीं।
- नीति पढ़ें: सेवा नियम, शुल्क, सीमा, और विवाद-प्रक्रिया का सार समझें।
- सहायता परीक्षण: सहायता चैनल पर एक सामान्य प्रश्न भेजकर प्रतिक्रिया गुणवत्ता देखें।
- जोखिम संकेत: दबाव बनाने वाली भाषा, असामान्य वादे, या अस्पष्ट शर्तें।
- डेटा न्यूनतम: केवल उतना डेटा साझा करें जितना वास्तविक जरूरत हो।
समापन: Daman Club पर Patel Ashok का संक्षिप्त परिचय
Patel Ashok, Daman Club के लिए लेखक और समीक्षक के रूप में, भारत/एशिया क्षेत्र के पाठकों के लिए ऐसी सामग्री तैयार करते हैं जो “निर्णय” को आसान बनाती है—खासकर तब जब किसी प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग में सुरक्षा, भुगतान, गोपनीयता या भरोसे से जुड़े प्रश्न हों। उनकी शैली “कदम-दर-कदम” है: पहले जोखिम, फिर संकेत, फिर सत्यापन, और अंत में सीमित निष्कर्ष—ताकि पाठक जल्दबाज़ी में न फँसे।
Daman Club के https://damanclub.download/hi/ पेज के प्रति Patel Ashok का दृष्टिकोण व्यावहारिक और जिम्मेदार है: प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाली नई जानकारी, नियमों में बदलाव, और उपयोगकर्ता अनुभव के संकेतों को नियमित रूप से देखा जाता है। यही कारण है कि उनके लेखों में “अपडेट चक्र” और “सत्यापन कदम” स्पष्ट रहते हैं।
इसी लिंक Daman Club-Patel Ashok पर जाकर आप Patel Ashok से जुड़ी जानकारी, संबंधित समाचार/अपडेट, और नए मार्गदर्शक लेख देख सकते हैं। यदि आप इस पेज पर किसी सुधार/अपडेट का सुझाव देना चाहते हैं, तो ईमेल द्वारा लिखें— [email protected]।
अंतिम नोट: Patel Ashok की सामग्री का लक्ष्य आपको “सुरक्षित और समझदार कदम” देना है, न कि किसी परिणाम का वादा। जहाँ जोखिम संभव है, वहाँ सावधानी प्राथमिक है। यदि कोई स्थिति जटिल हो (जैसे विवाद/कानूनी पहलू), तो आप उपयुक्त पेशेवर सलाह लेने पर विचार कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Patel Ashok \u0915\u094C\u0928 \u0939\u0948\u0902?
\u0935\u0947 Daman Club \u0915\u0947 \u0932\u0947\u0916\u0915/\u0938\u092E\u0940\u0915\u094D\u0937\u0915 \u0939\u0948\u0902 \u091C\u094B \u0938\u0941\u0930\u0915\u094D\u0937\u093E-\u091C\u093E\u0917\u0930\u0942\u0915 \u0938\u092E\u0940\u0915\u094D\u0937\u093E \u0914\u0930 \u0909\u092A\u092F\u094B\u0917\u0915\u0930\u094D\u0924\u093E \u0917\u093E\u0907\u0921 \u0932\u093F\u0916\u0924\u0947 \u0939\u0948\u0902\u0964
\u0915\u094D\u092F\u093E \u0935\u0947 \u0907\u0902\u091C\u0940\u0928\u093F\u092F\u0930 \u0939\u094B\u0928\u0947 \u0915\u093E \u0926\u093E\u0935\u093E \u0915\u0930\u0924\u0947 \u0939\u0948\u0902?
\u0907\u0938 \u092A\u0947\u091C \u092A\u0930 \u0907\u0902\u091C\u0940\u0928\u093F\u092F\u0930\u093F\u0902\u0917 \u092A\u0926\u0935\u0940 \u0915\u093E \u0926\u093E\u0935\u093E \u0928\u0939\u0940\u0902; \u0909\u0928\u0915\u093E \u092B\u094B\u0915\u0938 \u0921\u093F\u091C\u093F\u091F\u0932 \u092D\u0930\u094B\u0938\u093E \u0914\u0930 \u0938\u092E\u0940\u0915\u094D\u0937\u093E \u092A\u094D\u0930\u0915\u094D\u0930\u093F\u092F\u093E \u0939\u0948\u0964
\u0935\u0947 \u0915\u093F\u0938 \u0924\u0930\u0939 \u0915\u0940 \u092E\u0926\u0926 \u0915\u0930 \u0938\u0915\u0924\u0947 \u0939\u0948\u0902?
\u091C\u094B\u0916\u093F\u092E \u0938\u0902\u0915\u0947\u0924, \u0938\u0924\u094D\u092F\u093E\u092A\u0928 \u091A\u0947\u0915\u0932\u093F\u0938\u094D\u091F, \u0914\u0930 \u091A\u0930\u0923-\u0926\u0930-\u091A\u0930\u0923 \u092E\u093E\u0930\u094D\u0917\u0926\u0930\u094D\u0936\u093F\u0915\u093E \u0926\u0947\u0915\u0930 \u0928\u093F\u0930\u094D\u0923\u092F \u0915\u094B \u0938\u0941\u0930\u0915\u094D\u0937\u093F\u0924 \u092C\u0928\u093E\u0924\u0947 \u0939\u0948\u0902\u0964
\u0915\u094D\u092F\u093E \u0935\u0947 \u092A\u0930\u093F\u0923\u093E\u092E/\u0932\u093E\u092D \u0915\u0940 \u0917\u093E\u0930\u0902\u091F\u0940 \u0926\u0947\u0924\u0947 \u0939\u0948\u0902?
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